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उत्तराखंड त्रासदी। धौली गंगा में अचानक बढ़ने लगा पड़ा पानी, रोकना पड़ा रेस्क्यू, अभी भी 204 लोग लापता

  • Bhupendra Singh Chauhan

  • Published:12-02-2021 11:22:22
  • राज्य

उत्तराखंड जल-प्रलय। चमोली जिले के जोशीमठ में ग्लेशियर टूटने से आयी तबाही के बाद लगातार रेस्क्यू किया जा रहा है। रेस्क्यू ऑपरेशन का आज छठवां दिन है। अब तक इस आपदा में 36 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि 204 लोग लापता हैं। जिन्हें तलाशने के लिए NDRF और बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) की टीमें लगातार दिन-रात काम कर सुरंगों में रेस्क्यू करने में जुटी हैं।


इस दौरान सेना के सामने काफी समस्याएं भी आ रही हैं। गुरुवार को तपोवन हाइडेल प्रोजेक्ट साइट पर सुरंगों में खुदाई के दौरान अचानक धौलीगंगा नदी का पानी बढ़ने लगा, जिसकी वजह से सुरंग की खुदाई का काम रुकवाना पड़ गया था। ज्ञात हो कि, तपोवन और ऋषि गंगा स्थित सुरंगों में लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।


रेस्क्यू पर जानकारी देते हुए उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि, गुरुवार दोपहर 2 बजे तपोवन में सुरंग की खुदाई के दौरान धौलीगंगा नदी का पानी बढ़ने लगा। इसके चलते रेस्क्यू साइट को खाली करने के निर्देश दिए गए। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि, नदी का पानी कितना बढ़ा, लेकिन अब तक यह साफ है कि धौलीगंगा खतरे के निशान (21 मीटर) से ऊपर बह रही है।






वहीं ITBP के प्रवक्ता विवेक पांडे ने मीडिया से बातचीत में कहा कि, नदी का जलस्तर बढ़ने की वजह से निचले इलाकों और सुरंग के पास खुदाई के काम में लगे एक्सकेवेटर्स, ड्रिलिंग मशीन और पावर जेनरेटरों को तुरंत हटाया गया। एहतियात के तौर पर ऋषिगंगा प्रोजेक्ट साइट पर पुलिस टीम की तैनाती की गई और साइट खाली कराई गई। यहां NDRF और BRO के 50 से ज्यादा कर्मी काम कर रहे थे। इसके बाद नदी के जलस्तर पर नजर रखने के लिए लगातार ड्रोन्स की मदद ली जा रही थी।


ITBP प्रवक्ता ने बताया कि, नदी का जलस्तर घटने के बाद ऋषिगंगा पर शाम करीब 4.30 पर रेस्क्यू ऑपरेशन फिर शुरू हो पाया। जबकि तपोवन साइट की रेस्क्यू टीम के लिए यह खुदाई में दिन की दूसरी बड़ी रुकावट थी। सुरंग में जमी गाद की वजह से यहां राहत-बचाव कार्य में परेशानी आ रही है।