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क्या WhatsApp, Google Maps और Twitter जैसे ऐप्स को टक्कर दे पाएंगे ये देसी Apps

बड़ी संख्या में चाइनीज ऐप्स बैन होने के बाद इनके विकल्प के रूप में इन ऐप्स के देसी वर्ज़न भारतीय मार्केट में लॉन्च किए गए|
  • Bharat Samachar News Desk

  • Published:20-02-2021 16:30:13
  • मनोरंजन

पिछले साल गलवान में चीनी सेना द्वारा घुसपैठ के बाद भारत सरकार ने बड़ी संख्या में चाइनीज ऐप्स को बैन किया था| तब इनके विकल्प के रूप में इन ऐप्स के बहुत सारे देसी वर्ज़न मार्केट में आए है| टिकटॉक के देसी वर्ज़न की संख्या तो काफी ज्यादा है| चाइनीज ऐप्स के साथ-साथ पॉपुलर अमेरिकी ऐप्स और सर्विस जैसे ट्विटर, गूगल मैप, गूगल ड्राइव, वॉट्सऐप इत्यादि के भी इंडियन वर्ज़न गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर पर लॉन्च हुए है| हम आपको यहां पर उन देसी ऐप्स के बारे में बताएंगे जिनकी हालिया दिनों में बड़ी चर्चा हुई है|

भारत सरकार ने 'संदेश' ऐप बनाया है| यह एप्प एंड-टु-एंड एन्क्रिप्शन से लैस वॉट्सऐप का देसी विकल्प बताया जाता है| शुरुआत में इस ऐप को सरकारी कर्मचारी आधिकारिक बातचीत के लिए टेस्ट कर रहे थे| अब ये आम पब्लिक के लिए शुरू कर दिया गया है| ये एप्पल ऐप स्टोर पर उपलब्ध है| वॉट्सऐप की ही तरह संदेश एक इंस्टेंट मैसेजिंग सर्विस है| ऐप पर चैट और ग्रुप चैट के साथ-साथ ऑडियो और वीडियो कॉलिंग की भी सुविधा दी गई है| वॉट्सऐप की तरह यूजर यहां भी फ़ोटो, वीडियो, डॉक्यूमेंट्स, ऑडियो और कॉन्टैक्ट वग़ैरा आपस में साझा कर सकते है| 

गूगल ड्राइव का देसी विकल्प डिजीबॉक्स पिछले साल लॉन्च हुआ था| नीति आयोग के CEO अमिताभ कांत ने इसका ऐलान ट्विटर पर किया था| डिजीबॉक्स में आप अपनी फाइल को स्टोर कर सकते है, उन्हें सर्च करके ढूंढ सकते है और उनको फ़ोल्डर में बांट कर भी रख सकते है- ठीक गूगल ड्राइव की तरह| इस ऐप पर फ्री और पेड दोनों तरह के अकाउंट मौजूद है| फ्री यूजर को 20 GB का स्पेस मिलता है और प्लान की शुरुआत 30 रुपये महीना से शुरू होती है, जिसमें बाकी फीचर के साथ 2 TB का स्पेस मिलता है| इसके साथ ही डिजीबॉक्स में वीट्रांसफ़र जैसा इंस्टाशेयर नाम का फाइल शेयरिंग सिस्टम भी है| इसकी मदद से आप बिना अकाउंट बनाए हुए ही बड़ी-बड़ी फाइल दूसरों के साथ साझा कर सकते है|

इस साल ऑडियो सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'क्लबहाउस' बहुत चर्चा में रहा है| मगर ऐप के इन्वाइट-ओन्ली फीचर की वजह से हर कोई इस पर अकाउंट नहीं बना पा रहा है| ऐसे में क्लबहाउस का देसी वर्ज़न ‘लहर’ एक ऑप्शन है| क्लबहाउस की तरह यहां भी ऑडियो चैट रूम है, जहां आप अपने दोस्तों के साथ बातचीत कर सकते है, सेमीनार अटेन्ड कर सकते है और अपनी पसंद के टॉपिक के चैटरूम को सुन सकते है| लहर और क्लबहाउस में सबसे बड़ा फर्क ये है कि लहर एक ऑडियो सोशल मीडिया प्लेटफार्म न होकर ऑडियो-वीडियो प्लेटफार्म है| क्लबहाउस जहां सिर्फ़ iOS पर मौजूद है, लहर एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए भी मौजूद है| 

इसके बाद आया कू ऐप| ये अच्छा खासा सोशल मीडिया प्लेटफार्म है और इसे बीजेपी से जुड़े बड़े-बड़े नेता प्रमोट कर रहे है| इनके असली वाले अकाउंट यहां पर है| कू ऐप की थीम और लुक ट्विटर से थोड़ा अलग है मगर काम वही है| यहां पर लोग एक दूसरे को फॉलो कर सकते है, पोल कर सकते है और फ़ोटो, ऑडियो और वीडियो इत्यादि शेयर कर सकते है| ट्विटर की ही तरह कू ऐप पर भी डायरेक्ट मैसेज का फीचर है| अपनी बात कहने के लिए यूजर्स के पास 400 कैरेक्टर की लिमिट होती है| इसकी खास बात ये है कि यहां पर बहुत सारी भारतीय भाषाओं का सपोर्ट है

अगर आपको मैप का देसी विकल्प चाहिए तो मैप-माई-इंडिया एक अच्छा ऑप्शन है| मगर यहां पर सिर्फ़ और सिर्फ़ इंडिया का ही मैप मौजूद है| इसके साथ ही गूगल मैप और ऐपल मैप के बहुत सारे ज़रूरी फीचर यहां पर मौजूद नहीं है| मैप-माई-इंडिया ने ISRO के साथ मिलकर भारत का नक्शा तैयार किया है| कंपनी के CEO रोहन वर्मा के मुताबिक, इनके प्लेटफार्म पर मैप-माई-इंडिया के डिजिटल मैप और ISRO की सैटेलाइट इमेज और प्लैनेट के डेटा का संगम है| अभी आप एक डिजिटल मैप पर इस्तेमाल की जाने वाली बेसिक चीज़ें जैसे किसी जगह को ढूंढना और दो जगह के बीच की दूरी नापने जैसे काम यहां पर कर सकते है|

इन ऐप के अलावा और भी बहुत से भारतीय ऐप है जो चाइनीज या अमेरिकी ऐप के देसी विकल्प है| इनमें FAU-G गेम शामिल है, जिसके PUBG मोबाइल गेम का विकल्प होने का दावा किया जा रहा था| हालांकि इसने सभी को निराश किया| इसके अलावा CamScanner ऐप की जगह पर Carbon Scanner ऐप मौजूद है, ShareIt की जगह पर ZShare जैसे बहुत से ऐप है, फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम की जगह पर Elyments ऐप है| मगर ये ऐप इतना ज़्यादा फ़र्क नहीं पैदा कर पाए|