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सोते समय क्या करता है आपका दिमाग, क्या पता है नींद के समय शरीर के ये 5 बड़े बदलाव ?

  • Bhupendra Singh Chauhan

  • Published:04-03-2021 9:29:30
  • भारत हेल्थ

अच्छी नींद न सिर्फ आपकी शारीरिक थकान को दूर करती है बल्कि आपको मानसिक सुकून भी देती है। इसके साथ ही आपको अगले दिन आपके लक्ष्यों के प्रति मेहनत करने के लिए तैयार करती है। यानी दूसरे शब्दों में कहें तो अच्छी नींद आपके शरीर को रिफ्रेश और रिपेयर कर देती है। नींद के बारे में कुछ ऐसी बाते भी हैं जो शायद हम नहीं जानते। तो आज इस आर्टिकल के माध्यम से जानने की कोशिश करेंगे कि, आखिर हमें सोने की जरूरत क्यों पड़ती है ? फिर हम सोते समय सपने क्यों देखते हैं ? आखिर हम सोने के लिए व्यवस्थित जगह ही क्यों ढूढंते हैं ?


दिमाग होता है काफी व्यस्त 



सबसे पहले तो आप अपने दिमाग से यह भ्रम निकाल दें कि यदि आप सो रहे हैं तो आपका दिमाग बंद हो गया है। वास्तव में सोते समय आपका दिमाग काफी व्यस्त होता है। इस समय वह दिन भर के लिए सूचनाओं को संग्रहित करता है। सोते समय आपका दिमाग पूरे दिन में आपके द्वारा किए गए सभी कार्यों की सभी सूचनाओं को एकत्र करता है। और भविष्य में दोबारा उपयोग के लिए उन्हें संग्रहित करता है।


सिम्पैथीक नर्वस सिस्टम की बढ़ जाती है गतिविधि  



जब आप नींद लेते हैं तो उस दौरान आपका सिम्पैथीक नर्वस सिस्टम (जो आपकी फाइट या फ्लाइट को नियंत्रित करता है) को आराम करने का मौक़ा मिलता है। वैज्ञानिक अध्ययनों के मुताबिक, जब हम नींद नहीं ले पाते तो ऐसे में हमारे सिम्पैथीक नर्वस सिस्टम की गतिविधि बढ़ जाती है। जिसकी वजह से हमें रक्तचाप में वृद्धि का असर होता है। इसके लिए कोरोनरी हृदय रोग का अध्ययन करने वाले वैज्ञानिक जांच कर रहे हैं कि, क्या नींद की कमी और हृदय रोग के बढ़ते जोखिम के बीच संबंध है।


पिट्यूटरी ग्रंथि द्वारा जारी होता ग्रोथ हार्मोन   



नींद के दौरान तीसरे प्रमुख मुद्दे की बात करें तो इस दौरान आपका शरीर सभी अलग-अलग उद्देश्यों के लिए अलग-अलग हॉर्मोन जारी करता है। आपकी नींद के पैटर्न को पीनियल ग्रंथि द्वारा जारी मेनाटोनिन द्वारा नियंत्रित किया जाता है। रात्रि के समय हॉर्मोन्स का स्तर बढ़ जाता है, जिसकी वजह से आपको अनिद्रा महसूस होती है। सोते समय समय आपकी पिट्यूटरी ग्रंथि द्वारा ग्रोथ हार्मोन जारी किया जाता है।


महसूस करते हैं उत्साहित 



आपको बता दें कि, इसके साथ ही तनाव का हार्मोन कहा जाने वाला ''कोर्टिसोल'' का स्तर नींद से जागने के बाद चरम स्तर पर पहुंचने से पहले सोने के कुछ घंटो पहले मिलता है। जब नींद पूरी कर जागते हैं, तो उस समय लगने वाली आपकी भूख आपको उत्साहित महसूस करने में मदद करती है। 


मांसपेशियों को मार जाता है लकवा



नींद के दौरान, आप नॉन-रैपिड आई मूवमेंट स्लीप और रैपिड आई मूवमेंट स्लीप (REM) के बीच स्विच करते हैं। REM नींद के दौरान, हम ज्वलंत सपने देखते हैं। इस चरण के दौरान, आपकी मांसपेशियों को अस्थायी रूप से लकवा मार जाता है, जिसका अर्थ है कि आप हिल नहीं सकते। कुछ वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि, ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि आप शारीरिक रूप से अपने सपनों को पूरा नहीं करते हैं।




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