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पुलिस ने किया बड़ा खुलासा, बिकरू काण्ड के आरोपी विकास दुबे तक कैसे पहुँची अमेरिकी सेना की स्प्रिंगफ़ील्ड राइफल

कानपुर के बिकरू कांड के आरोपी तक अमरीका सेना की प्रथम विश्व युद्ध में इस्तेमाल स्प्रिंगफ़ील्ड राइफल कैसे पहुंची, इसका राजफाश पुलिस ने किया है, पुलिस ने बतया की गनहाउस संचालक ने विकास दुबे को रायफल के ऑटोमेटिक फंक्शन को बिना निष्क्रिय किए ही बेच दिया था। स्पेशल टास्कफोर्स (एसटीएफ) ने जो रायफल बरामद की है, उसमें ऑटोमेटिक फंक्शन सक्रिय मिला है। अब एसटीएफ ने जिला और पुलिस प्रशासन को भेजी रिपोर्ट में गनहाउस संचालक पर कार्रवाई की संस्तुति की है। विकास दुबे ने बिकरू में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतारा था। बिकरू कांड में इस्तेमाल हुई विकास दुबे के भांजे शिव तिवारी की सेमी ऑटोमेटिक स्प्रिंगफील्ड रायफल को लेकर बड़ा राजफाश हुआ है।
  • Bharat Samachar News Desk

  • Published:04-03-2021 15:44:03
  • उत्तर प्रदेश


कानपुर  :- कानपुर के बिकरू कांड के आरोपी तक अमरीका सेना की प्रथम विश्व युद्ध में इस्तेमाल स्प्रिंगफ़ील्ड राइफल कैसे पहुंची, इसका राजफाश पुलिस ने किया है, पुलिस ने बतया की गनहाउस संचालक ने विकास दुबे को रायफल के ऑटोमेटिक फंक्शन को बिना निष्क्रिय किए ही बेच दिया था। स्पेशल टास्कफोर्स (एसटीएफ) ने जो रायफल बरामद की है, उसमें ऑटोमेटिक फंक्शन सक्रिय मिला है। अब एसटीएफ ने जिला और पुलिस प्रशासन को भेजी रिपोर्ट में गनहाउस संचालक पर कार्रवाई की संस्तुति की है। विकास दुबे ने बिकरू में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतारा था। बिकरू कांड  में इस्तेमाल हुई विकास दुबे के भांजे शिव तिवारी की सेमी ऑटोमेटिक स्प्रिंगफील्ड रायफल को लेकर बड़ा राजफाश हुआ है। 

जाने स्प्रिंगफील्ड रायफल के बारे में :-सेमी ऑटोमेटिक स्प्रिंगफील्ड रायफल प्रतिबंधित हथियार है। लाइसेंसी हथियार के रूप में उसका प्रयोग नहीं किया जा सकता है। अमेरिका सेना प्रथम विश्वयुद्ध में इसी रायफल के साथ उतरी थी। आजादी के बाद भारतीय सेना भी 30.06 बोर की सेमी ऑटोमेटिक स्प्रिंगफील्ड रायफल का प्रयोग करती थी, मगर अब इसका प्रयोग नहीं होता। सेना कंडम हो चुके इन हथियारों को रिटायर होने वाले अपने अधिकारियों व जवानों को बेहद कम दामों पर बेच देती है। बेचने से पहले इनका ऑटोमेटिक फंक्शन निष्क्रिय कर दिया जाता है क्योंकि इससे यह हथियार 30.06 बोर की साधारण रायफल बनकर रह जाता है और तब इसे लाइसेंसी हथियार के रूप में रखा जा सकता है।



सक्रिय स्प्रिंगफील्ड रायफल की मैग्जीन में एक बार में 10 कारतूस भरकर लगातार इन्हेंं चलाया जा सकता है। माना जा रहा है कि इसीलिए बिकरू में पुलिस टीम विकास के गुर्गों के सामने टिक नहीं सकी और दो-दो स्प्रिंगफील्ड रायफल ने पुलिस को कदम पीछे खींचने पर मजबूर कर दिया।












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