BREAKING NEWS

कौशाम्बी - डॉक्टर की लापरवाही से मासूम बच्ची की मौत परिजनों ने किया हंगामा, तीन डाक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम

कौशाम्बी में पिपरी थाना इलाके के रावतपुर के यूनाइटेड मिडिसिटी हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। तीन साल की मासूम बच्ची खुशी को ऑपरेशन करने के बाद पेट में टांका नहीं लगाया।
  • Syed Mohd Yasheen

  • Published:06-03-2021 17:38:28
  • उत्तर प्रदेश

कौशाम्बी -में पिपरी थाना इलाके के रावतपुर के यूनाइटेड मिडिसिटी हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। तीन साल की मासूम बच्ची खुशी को ऑपरेशन करने के बाद पेट में टांका नहीं लगाया। इतना ही नहीं हालत बिगड़ने पर रेफर कर दिया। प्रयागराज के चिल्ड्रन अस्पताल में बच्ची का इलाज चला लेकिन हालत में सुधार ना होने पर चिकित्सकों ने बच्ची को घर ले जाने की सलाह दी। ऐसे में परिजन बच्ची को दोबारा यूनाइटेड मीडिसिटी हॉस्पिटल लेकर आए। लेकिन चिकित्सकों ने दोबारा अस्पताल में भर्ती करने से मना कर दिया। जहां पर थोड़ी ही देर बाद बच्ची ने इलाज के अस्पताल के बाहर दम तोड़ दिया। नाराज परिजनों ने बच्ची का शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की जानकारी मिलते ही मौके पर कई थाने की फोर्स के साथ पहुंचे। बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पीड़ित परिजनों को समझा बुझाकर मामले को शांत कराया। मृतक के पिता से पुलिस ने तहरीर लेकर घटना की छानबीन शुरू कर दी।


 प्रयागराज जनपद की करेली थाना के करेहदा के मुकेश मिश्रा की 03 वर्षीय बेटी खुशी का 15 फरवरी को पेट दर्द हुआ। घर वाले बेटी को इलाज के लिए पिपरी थाना क्षेत्र के रावतपुर स्थित यूनाइटेड मिडी सिटी अस्पताल में ले गए।  चिकित्सकों ने उसे भर्ती कर लिया। जांच के बाद रिपोर्ट आई तो चिकित्सकों ने आंत में इन्फेक्शन होने की शिकायत बताई। चिकित्सकों ने बच्ची को ठीक होने की बात परिजनों को जानकारी दी। हफ्ते भर बाद जब बच्ची ठीक नहीं हुई तो उसका ऑपरेशन किया गया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन करने के बाद ठीक से ड्रेसिंग नहीं की गई। जिसके चलते पेट में पस आ गया। हालांकि डॉक्टरों ने दोबारा ऑपरेशन करने की सलाह दी।


2 मार्च को ऑपरेशन किया गया और अगले दिन 3 मार्च को हालत गंभीर बता कर मासूम बच्ची को प्रयागराज रेफर कर दिया गया। परिजनों ने बताया कि बच्ची की हालत बहुत खराब हो चुकी थी। जिसके कारण कोई भी चिकित्सक उसका इलाज नहीं कर रहा था। काफी मिन्नत करने के बाद चिल्ड्रेन हॉस्पिटल में बच्ची को भर्ती कर लिया गया। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सकों ने पैसे की मांग ज्यादा की थी, कम पैसे देने की वजह से दोबारा ऑपरेशन के बाद पेट में टांका नहीं लगाया गया। चिल्ड्रेन के डॉक्टरों ने बच्ची के न बचने की जानकारी परिजनों को दी।



परिवार के लोग बच्ची को अपने घर लेकर चले आए  और शुक्रवार को वह बच्ची को वापस लेकर मेडिसिटी अस्पताल गए। उनका आरोप है कि अस्पताल गेट के बाहर ही उन्हें खड़ा कर दिया गया और भीतर नहीं आने दिया गया। डॉक्टरों ने बच्ची का इलाज करने से भी मना कर दिया। थोड़ी ही देर बाद बच्ची की अस्पताल के बाहर ही मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया और हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना मिलने के बाद मौके पर चायल सीओ श्याम कांत कई थाने की फोर्स के साथ पहुंचे और परिजनों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।



 अपर पुलिस अधीक्षक समर बहादुर सिंह पिपरी थाना इलाके के मिडी सिटी हॉस्पिटल में चिकित्सकों की लापरवाही के कारण एक बच्ची की मौत की जानकारी मिली थी। सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस पहुंची और बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हंगामा कर रहे परिजनों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया गया। अस्पताल प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। कौशाम्बी डीएम अमित कुमार सिंह ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की। उनके निर्देश पर तीन डाक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के दौरान बच्ची का पोस्टमार्टम किया।



इस मामले में इलाहाबाद विश्वविद्यालय की पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष रही ऋचा सिंह भी पोस्टमार्टम हाउस पहूँची और उन्होंने अस्पताल के ऊपर मुकदमा लिखने व पीड़ित परिजनों को अस्पताल प्रशासन की तरह से 20 लाख का मुआवजा देने की बात कही है। उन्होंने बताया कि आरोपी डॉक्टरों ने पीड़ित परिजनों से दो से 3 लाख रुपये इलाज के नाम पर लिया था और परिजनों से और अधिक रकम की मांग कर रहे थे इसके चलते बच्ची का दोबारा ऑपरेशन करने के बाद पेट में टाका नहीं लगया गया जिससे बच्ची की मौत हो गई।




नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें