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नासा के पर्सिवियरेंस रोवर ने मंगल की सतह पर जीवन की खोज शुरू की

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के पर्सिवियरेंस रोवर ने मंगल ग्रह की सतह पर खोज करना शुरू कर दिया है।
  • Bharat Samachar News Desk

  • Published:06-03-2021 18:19:22
  • दुनिया

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के पर्सिवियरेंस रोवर ने मंगल ग्रह की सतह पर खोज करना शुरू कर दिया है।अंतरिक्ष एजेंसी नासा के अनुसार, रोवर बहुत दूर नहीं गया है. इसने अब तक कुल 6.5 मीटर यानी 21 फ़ीट का सफ़र किया है. लेकिन नासा की वरिष्ठ वैज्ञानिक केटी स्टैक मॉर्गन ने इसे एक 'महत्वपूर्ण उपलब्धि' बताया है।








मॉर्गन ने कहा, "पर्सिवियरेंस रोवर को अब भी बहुत सी तकनीकी जाँचों से गुज़रना पड़ रहा है. लेकिन जैसे ही इसके रबड़ के पहिये घूमना शुरू होंगे, हम ख़ुद को इसके ज़रिए मंगल ग्रह का खोजकर्ता मान सकते हैं।"








अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की ओर से मंगल ग्रह पर उतारा गया ये दूसरा एक टन वज़न का रोवर है. पर्सिवियरेंस रोवर नासा द्वारा मंगल ग्रह की सतह पर उतारा गया अब तक का सबसे तेज़ रोवर भी है और अब से पहले जो भी रोवर नासा द्वारा भेजे गये हैं, उनकी तुलना में पर्सिवियरेंस रोवर में सबसे मज़बूत पहिये लगे हैं।  पर्सिवियरेंस रोवर से उम्मीद है कि वो अगले हफ़्ते में मंगल ग्रह की सतह की कई तस्वीरें लेगा, ताकि वैज्ञानिक आसपास के इलाक़े को बेहतर समझ सकें। गुरुवार को इस पर्सिवियरेंस रोवर ने कुछ दूरी तय की।








रोवर की मोबिलिटी इंजीनियर एनाइस ज़ारिफ़ियन ने कहा, "पहियों के निशान कभी भी हमें इतने अच्छे नहीं लगे होंगे, जितने इस रोवर के पहियों के निशान लग रहे हैं जो इसने मंगल ग्रह की सतह पर छोड़े हैं। यह बेशक इस मिशन की एक बड़ी उपलब्धि है। हमारी पूरी टीम इससे ख़ुश है। सालों से ना जाने कितने लोगों ने इस दिन का इंतज़ार किया। आपको बताते चले कि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का यह पर्सिवियरेंस रोवर 19 फ़रवरी को मंगल ग्रह की सतह पर उतरा था। मंगल तक पहुँचने के लिए सात महीने पहले धरती से गये इस रोवर ने तक़रीबन आधा अरब किलोमीटर की दूरी तय की।








नासा के अनुसार रोवर एक पुरानी सूख चुकी झील की ज़मीन की जाँच करने के साथ-साथ अरबों साल पहले मंगल ग्रह पर माइक्रो-ऑर्गानिज़्म्स की किसी भी गतिविधि यानी जीवन के होने के चिन्हों की जाँच करेगा और उन्हें पृथ्वी पर भेजेगा। नासा की ओर से बताया गया है कि यह रोवर क़रीब दो वर्ष में मंगल ग्रह की सतह पर तक़रीबन 15 किलोमीटर चलेगा।







पर्सिवियरेंस अपने साथ एक छोटे-से हेलिकॉप्टर को लेकर गया है। रोवर इस हेलिकॉप्टर को उड़ाने का प्रयास करेगा जो कि किसी अन्य ग्रह पर इस तरह की पहली उड़ान होगी।
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