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फ़ोन टैपिंग मामला फिर पकड़ रहा तूल, राज्यवर्धन राठौर ने गहलोत सरकार की मंशा पर उठाए सवाल

बीते दिनों राजस्थान में सचिन पायलट के बगावती तेवर के बाद गहलोत सरकार पर विधायकों और जनप्रतिनिधियों के फोन टैप कराने के आरोप लगे थे। प्रदेश में यह मामला अब एक बार फिर तूल पकड़ता दिख रहा है।
  • Bhupendra Singh Chauhan

  • Published:16-03-2021 15:04:27
  • राज्य

बीते दिनों राजस्थान में सचिन पायलट के बगावती तेवर के बाद गहलोत सरकार पर विधायकों और जनप्रतिनिधियों के फोन टैप कराने के आरोप लगे थे। प्रदेश में यह मामला अब एक बार फिर तूल पकड़ता दिख रहा है। जिसको लेकर सियासत तेज हो गई है। मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता राज्यवर्धन सिंह राठौर ने गहलोत सरकार पर हमला बोलते हुए उनकी मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि, कांग्रेस सरकार बार-बार बोल रही है कि, 69A और टेलीग्राफ एक्ट का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। लेकिन इससे उलट राजस्थान में बैठी उनकी सरकार ने इसका दुरुपयोग किया। बता दें कि, विधानसभा में सरकार से एक लिखित प्रश्न पूछे जाने पर उन्होंने स्वीकार किया है कि, फ़ोन टैपिंग हुई है। सवाल यह है कि, जब सरकार यह मान रही है कि, टैपिंग हुई है तो कार्रवाई कब होगी ? ज्ञातव्य हो कि, पिछले वर्ष सचिन पायलट व 18 अन्य कांग्रेसी विधायकों द्वारा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ बगावत कर दी थी, जिसके बाद कांग्रेस ने अपने विधायकों को लंबे समय तक अलग-अलग होटलों में रखा था। इसी दौरान विधायकों सहित कई अन्य जनप्रतिनिधियों के फोन टैप किए जाने के आरोप लगे थे। जिसको लेकर राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कांग्रेस पर निशाना साधा है।     आपको बताते चलें कि, उस दौरान घटी राजनीतिक घटनाक्रम में राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने राज्य के कुछ केंद्रीय नेताओं पर उनकी सरकार को अस्थिर करने के षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप लगाया था। इस दौरान एक ऑडियो टेप भी जारी किया गया था, जिसमें कथित तौर पर गजेंद्र सिंह व कांग्रेस के एक विधायक की बातचीत थी और इसमें ऐसा लग रहा था कि गहलोत सरकार की अस्थिरता को लेकर बात हो रही है।   
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