-
BREAKING NEWS

दर्जनों बार किया फ़ोन, डेढ़ दिन नहीं पहुंची एम्बुलेंस, पूर्व जिला जज की पत्नी ने तड़पते हुए तोड़ दिया दम

उत्तर प्रदेश में कोरोना से हाहाकार मचा हुआ है। ज़िंदा लोगों को अस्पताल में इलाज नहीं मिल रहा और मरने के बाद श्मशान घाटों में अंतिम संस्कार को लकड़ियां। सरकारी सुविधाओं की बात करें तो पूरी तरह ध्वस्त पड़ी हुई हैं।
  • Bhupendra Singh Chauhan

  • Published:15-04-2021 15:25:22
  • उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में कोरोना से हाहाकार मचा हुआ है। ज़िंदा लोगों को अस्पताल में इलाज नहीं मिल रहा और मरने के बाद श्मशान घाटों में अंतिम संस्कार को लकड़ियां। सरकारी सुविधाओं की बात करें तो पूरी तरह ध्वस्त पड़ी हुई हैं। सरकार और अधिकारियों के दावे पूरी तरह खोखले हैं। इस बात की गवाही दे रहा है, राजधानी में पूर्व जिला जज द्वारा लिखा गया एक पत्र। पत्र पढ़कर आपका केलजा भी बैठ जाएगा। और आप यह सोचने के लिए विवश हो जाएंगे कि आखिर हमने इन सरकारों को चुना ही क्यों ?



जानकारी के अनुसार, राजधानी के गोमती नगर में विनम्र खंड निवासी पूर्व जिला जज रमेश चंद्रा की दो दिन पहले कोरोना रिपोर्ट धनात्मक आई। जिसके बाद उनकी 64 वर्षीय पत्नी मधु चंद्रा भी कोरोना संक्रमित हो गईं।पूर्व जिला जज ने डीएम से लेकर सीएमओ व कोविड-19 कंट्रोल रूम सहित जिम्मेदार अधिकारियों को लगातार फ़ोन करते रहे। लेकिन हर जगह से अभी-तभी व्यवस्था कराने व एम्बुलेंस भेजने का सिर्फ झूठा आश्वासन मिलता रहा।




 

एम्बुलेंस के इंतजार में बैठे रमेश की पत्नी मधु चंद्रा ने गुरुवार की सुबह करीब आठ बजे दम तोड़ दिया। अब वह उनकी लाश उठाने की गुहार लगा रहे हैं लेकिन लाश उठाने तक के लिए कोई नहीं जा रहा। पूर्व जिला जज ने एक पत्र लिखकर भारत समाचार को प्रेषित किया। जिसमें छलक रहा उनका दर्द शायद किसी के भी महसूस करने से बाहर है। 




  



पूर्व जज रमेश चंद्र ने दैनिक जागरण से बातचीत में बताया कि उन्होंने बताया कि, उन्होंने स्वयं डीएम से लेकर सीएमओ और कंट्रोल रूम के अधिकारियों को दर्जनों बार फोन किया, जिसकी कोई गिनती नहीं है। लेकिन हर बार सिर्फ एक ही उत्तर मिलता कि बस पांच मिनट, कभी 10 मिनट, कभी सिर्फ 20 मिनट और तो कभी केवल आधे घंटे में आपके घर एंबुलेंस पहुंच रही है, लेकिन यह करते डेढ़ दिन बीत गए। लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची।




 



रमेश की पत्नी मधु की हालत इस दौरान बेहद नाजुक हो गई। उनका ऑक्सीजन स्तर 80 से नीचे पहले ही दिन जा चुका था, जो कि लगातार गिर रहा था। उन्होंने बताया कि हम लोग एंबुलेंस का इंतजार करते रहे मगर सुबह उनकी सांसें उखड़ गई। यह कहते पूर्व जिला जज का गला भर्रा गया।

 

साफ़ था कि, उनका दर्द उभर कर सामने आ गया था। संभलते हुए उन्होंने आगे बताया कि, मौत के बाद सुबह से लाश उठाने के लिए संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों को दर्जनों बार फोन कर चुका हूं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल पा रहा है। अभी साढ़े 12 बजे यानी थोड़ी देर पहले एंबुलेंस भेजी गई है।



नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें