-
BREAKING NEWS

अमेरिकी प्रशासन 'बाइडन' पर बना रहा दबाव, मुश्किल समय में करें भारत की मदद

भारत में कोरोना की दूसरी लहर कहर बरपा रही है. ऐसे में विश्व की निगाहें एक बार फिर भारत में टिकी हुई हैं, कि आखिर भारत इस बार इस महामारी से कैसे निजात पाएगा
  • Bhupendra Singh Chauhan

  • Published:24-04-2021 12:12:39
  • दुनिया

भारत में कोरोना की दूसरी लहर कहर बरपा रही है. ऐसे में विश्व की निगाहें एक बार फिर भारत में टिकी हुई हैं, कि आखिर भारत इस बार इस महामारी से कैसे निजात पाएगा. संक्रमितों की संख्या और मौतों के बढ़ रहे आंकड़े को देखते हुए अमेरिकी प्रशासन राष्ट्रपति बाईडन पर भारत की मदद के लिए दबाव बना रहा है. बता दें, बाइडन प्रशासन पर एस्ट्राजेनेका टीका और कई जीवनरक्षक चिकित्सीय आपूर्तियों के साथ अन्य कोविड-19 टीकों को भारत भेजे जाने को लेकर कई वर्गों की तरफ से अत्यधिक दबाव बनाया जा रहा है। 


 
जानकारी के अनुसार, दबाव बनाने वालों में शक्तिशाली अमेरिकी चैंबर ऑफ कॉमर्स, सांसद एवं प्रख्यात भारतीय-अमेरिकी शामिल हैं। यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स में अंतरराष्ट्रीय मामलों के प्रमुख एवं कार्यकारी उपाध्यक्ष मायरोन ब्रिलिएंट के मुताबिक, “विश्व भर के देशों में कोविड वैश्विक महामारी भारी तबाही मचा रही है, ऐसे में यूएस चैंबर प्रशासन को भंडार में पड़ी लाखों एस्ट्राजेनेका टीके की खुराकों के साथ ही अन्य जीवनरक्षक प्रणालियों को वैश्विक महामारी से अत्यधिक प्रभावित भारत, ब्राजील को भेजे जाने के लिए दृढ़ता से प्रोत्साहित करता है।”


उन्होंने कहा कि, टीकों की इन खुराकों की अमेरिका में जरूरत नहीं होगी. जहां ऐसा अनुमान है कि, टीका उत्पादक प्रत्येक अमेरिकी को टीका लगाने के लिहाज से जून की शुरुआत में पर्याप्त खुराकें बना लेंगे। ब्रिलिएंट के अनुसार, यह कदम कोवैक्स जैसी पहलों समेत अन्य मोर्चों पर अमेरिकी नेतृत्व को मजबूत बनाएगा। हम दुनिया भर के साझेदारों के साथ काम करते हैं, क्योंकि कोई भी महामारी से तब तक सुरक्षित नहीं है जब तक कि हम सभी इससे सुरक्षित न हो जाएं। 


एक संवाददाता सम्मलेन में अमेरिकी विदेश मंत्रालय की उप प्रवक्ता जलीना पोर्टर ने कहा कि, अमेरिका आवश्यक आपूर्तियों को भेजने के लिए भारत के साथ करीब से काम कर रहा है और आपूर्ति श्रृंखलाओं की रुकावटों से भी निपट रहा है। वहीं कांग्रेस सदस्य राशिदा तालिब ने ट्वीट किया कि, भारत में कोविड-19 का संकट इस बात की याद दिलाता है कि वैश्विक महामारी तब तक खत्म नहीं होगी, जब तक कि पूरी दुनिया इससे सुरक्षित न हो जाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति बाइडन को ‘‘अब वैश्विक उत्पादन को बढ़ाने के लिए पेटेंट में छूट का समर्थन करना चाहिए।”



 
नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें