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लखनऊ: कोरोना संकट में भी निजी अस्पतालों व पैथोलॉजी में मची लूट, मरने को मजबूर लोग

लखनऊ: राजधानी में एक तरफ कोरोना से कोहराम मचा हुआ है वहीं दूसरी तरफ लोगों को जांच कराने और जांच रिपोर्ट तक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। सारी व्यवस्थाएं फेल नजर आ रही हैं। सरकारी पैथोलॉजी की तो बात ही छोड़ो निजी पैथालॉजी में भी कोविड रिपोर्ट आने में खासी देर हो रही है।
  • Bhupendra Singh Chauhan

  • Published:02-05-2021 14:56:40
  • उत्तर प्रदेश

लखनऊ: राजधानी में एक तरफ कोरोना से कोहराम मचा हुआ है वहीं दूसरी तरफ लोगों को जांच कराने और जांच रिपोर्ट तक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। सारी व्यवस्थाएं फेल नजर आ रही हैं। सरकारी पैथोलॉजी की तो बात ही छोड़ो निजी पैथालॉजी में भी कोविड रिपोर्ट आने में खासी देर हो रही है। जिससे मरीजों को कई बार पैथोलॉजी और अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। लखनऊ के चरक पैथोलॉजी में काफी गड़बड़ी की बात निकल कर सामने आई है, जिसके बाद प्रभारी अधिकारी रोशन जैकब ने जांच के निर्देश दिए हैं।



इतना ही नहीं सरकार की नाक के नीचे राजधानी में निजी अस्पतालों ने पूरी तरह लूट मचा रखी है। पैसों के भूखें भेड़ियों को लोगों के मरने-जीने से कोई मतलब नहीं है, वह तो सिर्फ पैसे निचोड़ने में जुटे है। सबसे बड़ी बात यह कि यह सब सरकार की आंख के नीचे हो रहा है और कोई पीड़ितों की बात सुनने वाला नहीं है। प्रशासन की सुस्ती के चलते निजी अस्पताल पीड़ित मरीज को लूटने में जुटे हुए हैं।



आपको बताते चलें कि, निजी अस्पताल किसी भी प्रकार की गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे हैं। नियमों और निर्देशों का उल्लंघन करते हुए 1-1 मरीज से लाखों रुपए ऐंठ रहे हैं। इस संकट के समय में भी निजी अस्पतालों से लेकर एम्बुलेंस सेवा देने वाले लोग मरीजों व उनके तीमारदारों से पैसे लूटने में जुटे हैं। अंदर की मार चुके मानवता वाले इन लोगों की वजह से आम लोग काफी परेशान हैं। 



राजधानी लखनऊ की बात करें तो यहां की स्थिति काफी बदहाल है। यहां ऑक्सीजन की कमी कम होने का नाम नहीं ले रही है। मरीज और उनके तीमारदार लगातार ऑक्सीजन के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। सभी ऑक्सीजन प्लांटों पर लोगों की लंबी-लंबी कतारें लगी है। लोग पूरा-पूरा दिन इन्तजार कर रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें ऑक्सीजन नहीं मिल रही है। घर में आइसोलेट मरीज जिंदा रहने के लिए एक-एक सांस के लिए संग्राम कर रहे हैं। यही नहीं उनके परिजन भी अपनों की जिंदगी बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।



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