देवप्रयाग: फिर कहर बनकर टूटा जल सैलाब, मंजर देखने वालों के खड़े हो गए रोंगटे, निकल गई चीख

देवप्रयाग: देवों की भूमि कही जाने वाले उत्तराखंड के देवप्रयाग में एक बार फिर प्रकृति का कहर देखने को मिला है। यहां अचानक बादल फटने से भीषण जल तबाही देखने को मिली। प्रकृति के इस जल सैलाब में कई भवन जमींदोज हो गए।
     
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देवप्रयाग: देवों की भूमि कही जाने वाले उत्तराखंड के देवप्रयाग में एक बार फिर प्रकृति का कहर देखने को मिला है। यहां अचानक बादल फटने से भीषण जल तबाही देखने को मिली। प्रकृति के इस जल सैलाब में कई भवन जमींदोज हो गए। मंजर इतना भयावह था कि, देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गए और चीख निकल गई। इस जल तबाही में काफी नुकसान होने की ख़बरें निकलकर सामने आ रही हैं।




जानकारी के अनुसार, देवप्रयाग में आए इस जल सैलाब में नगर पालिका बहुउद्देश्यीय भवन और ITI भवन जमींदोज हो गए। पानी के साथ आए मलबे में 8 दुकानें भी डूब गईं। हालांकि, कोविड कर्फ्यू के कारण जनहानि होने से बच गई। मलबे के कारण भागीरथी का जलस्तर बढ़ गया है। घटना की जानकारी देते हुए टिहरी एसएचओ ने बताया कि, अब तक 12-13 दुकानें ध्वस्त हो चुकी हैं। हमने लोगों को अलर्ट कर दिया है और रेस्क्यू का काम चल रहा है। 






उत्तराखंड डीजीपी अशोक कुमार ने घटना के बारे बताया कि, टिहरी स्थित देवप्रयाग थाना क्षेत्र में बादल फटने की घटना हुई है, जिसमें 7-8 दुकानों और आईटीआई की बिल्डिंग को भारी नुकसान हुआ है। इसमें कोई जनहानि नहीं हुई है। हमारी एसडीआरएफ की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गई हैं और यथासंभव मदद पहुंचा रही हैं। अभी कुछ समय पहले उत्तराखंड के चमोली में जल प्रलय देखने को मिली थी। जिसमें सौ से अधिक लोग मारे गए थे। इस बार गनीमत रही कि, जान हानि नहीं हुई। 
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