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कोविड टीकाकरण को लेकर SC का रुख सख्त, केंद्र से मांगा टीकों की खरीद का पूरा ब्योरा

दिल्ली: कोरोना की दूसरी लहर ने देशभर में तांडव मचाया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने दम तोड़ दिया, संक्रमित होने के बाद जो बचे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा दिखाई दे रहा है, क्योंकि उनकी जमा पूंजी इलाज में लग गई।
     
  •       Bhupendra Singh Chauhan
  •      Published:03-06-2021 11:40:06
  • कोरोना
दिल्ली: कोरोना की दूसरी लहर ने देशभर में तांडव मचाया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने दम तोड़ दिया, संक्रमित होने के बाद जो बचे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा दिखाई दे रहा है, क्योंकि उनकी जमा पूंजी इलाज में लग गई। कुल मिलाकर वो पूरी तरह बर्बादी की कगार पर हैं। समय समय पर सुप्रीम कोर्ट भी कोरोना के मामलों को संज्ञान में लेकर सरकार से सवाल जवाब करता रहा है। जिस पर सरकारें अपना पक्ष रखती थी, जिनमें बहुत बार SC संतुष्ट नजर नहीं आती थी।



अब इसी कड़ी में देश की सर्वोच्च अदालत ने एक बार फिर केंद्र सरकार से सवाल किया है। SC ने केंद्र से कहा है कि, कोविड टीकाकरण नीति से जुड़ी अपनी सोच को दर्शाने वाले सभी प्रासंगिक दस्तावेज और फाइल नोटिंग रिकार्ड पर रखे। इसके साथ ही कोवैक्सीन, कोविशील्ड एवं स्पुतनिक-वी समेत सभी टीकों की आज तक की खरीद का ब्योरा पेश करें। 



न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति एल एन राव और न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट्ट की विशेष पीठ ने मामले में कहा कि, केंद्र सरकार अपना हलफनामा दाखिल करते समय यह भी सुनिश्चित करेगी कि टीकाकरण नीति पर उसकी सोच को दर्शाने वाले सभी प्रासंगिक दस्तावेज तथा फाइल नोटिंग की प्रतियां टीकाकरण नीति के साथ संलग्न हों।






बता दें कि, न्यायालय की वेबसाइट पर डाले गए 31 मई के आदेश में पीठ ने कहा, हम केंद्र सरकार को दो सप्ताह में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देते हैं। पीठ ने केंद्र से यह सुनिश्चित करने को कहा कि, आदेश में प्रत्येक मुद्दे पर अलग-अलग जवाब दिया जाए। पीठ ने कहा, कोविड-19 के सभी टीकों (कोवैक्सीन, कोविशील्ड तथा स्पुतनिक वी) की खरीद पर आज तक के केंद्र सरकार के ब्योरे के संबंध में संपूर्ण आंकड़े। 



SC साफ़ शब्दों में निर्देश देते हुए उन प्रश्नों को रखा जिन्हे आंकड़ों में स्पष्ट होना चाहिए। उनमें पहला है कि, केंद्र सरकार द्वारा तीनों टीकों की खरीद के लिए दिये गये सभी ऑर्डर की तारीखें ? ​दूसरा- हर तारीख पर कितनी मात्रा में टीकों का ऑर्डर दिया गया ? तथा तीसरा यह कि, उसका ब्योरा और आपूर्ति की प्रस्तावित तारीख ? शीर्ष अदालत ने 31 मई को ग्रामीण और शहरी भारत के बीच डिजिटल विभाजन को रेखांकित करते हुए कोविड टीकों के लिए कोविन प्लेटफॉर्म पर अनिवार्य पंजीकरण को लेकर केंद्र से सवाल पूछे थे। शीर्ष अदालत ने कोविड-19 के प्रबंधन पर स्वत: संज्ञान लिये गये एक मामले में यह आदेश दिया है। 



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