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यूपी दरोगा भर्ती : अवसाद में डूबे गोरखपुर के सैकड़ों दरोगा, ट्रेनिंग पूरी होने क बाद भी नहीं मिली नियुक्ति, कई कर्ज में डूबे

यूपी दरोगा भर्ती को लेकर युवाओं का भरोसा टूटने लगा है, ये दरोगा ट्रेनिग करने के बाद भी घरों में बैठे हुए है, इन सभी को इंतज़ार है की कब इनके पास नियुक्ति का पत्र आए और ये भी वर्दी पहन कर अपनी ड्यूटी का निर्वाहन करें। खाकी वर्दी में ट्रेनिंग कंप्लीट करने के बाद भी नौकरी नहीं मिली। इसके बाद उत्तर प्रदेश के लगभग 2500 ट्रेनिंग प्राप्त कर चुके दरोगाओं ने सुप्रीम कोर्ट से न्याय की अपील की है। ट्रेनिंग प्राप्त कर चुके इन दरोगाओं का आरोप है कि सरकार ने सही तरीके से भर्ती की पैरवी नहीं की, जिसकी वजह से दो सालों से मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
     
  •       Bharat Samachar News Desk
  •      Published:15-06-2021 18:25:23
  • उत्तर प्रदेश
लखनऊ : यूपी दरोगा भर्ती को लेकर युवाओं का भरोसा टूटने लगा है, ये दरोगा ट्रेनिग करने के बाद भी घरों में बैठे हुए है, इन सभी को इंतज़ार है की कब इनके पास नियुक्ति का पत्र आए और ये भी वर्दी पहन कर अपनी ड्यूटी का निर्वाहन करें। खाकी वर्दी में ट्रेनिंग कंप्लीट करने के बाद भी नौकरी नहीं मिली। इसके बाद उत्तर प्रदेश के लगभग 2500 ट्रेनिंग प्राप्त कर चुके दरोगाओं ने सुप्रीम कोर्ट से न्याय की अपील की है। ट्रेनिंग प्राप्त कर चुके इन दरोगाओं का आरोप है कि सरकार ने सही तरीके से भर्ती की पैरवी नहीं की, जिसकी वजह से दो सालों से मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।



साल 2016 में अखिलेश सरकार के समय दरोगा भर्ती के लिए 3,307 पदों के लिए वैकेंसी आई थी। इन पदों के लिए लाखों की संख्या में कैंडिडेट ने अप्लाई किया था। साल 2017 में परीक्षा खत्म हुई। इसमें पूरे प्रदेश में 2486 और गोरखपुर मंडल के सैकड़ों विद्यार्थियों ने परीक्षा पास की। परीक्षा पास करने वाले इन 2486 दरोगाओं में से 800 ऐसे हैं, जिन्होंने अपनी सरकारी नौकरी छोड़कर साल 2019 से 2020 तक ट्रेंनिग ली।ट्रेंनिग पूरी करने के एक साल बाद भी नौकरी नहीं मिली है।



क्या है भर्ती को लेकर पूरा विवाद :
भर्ती के समय नॉर्मलाइज़ेशन का कहीं भी जिक्र नहीं था, लेकिन परीक्षा के पहले भर्ती बोर्ड ने नॉर्मलाइज़ेशन करने का नोटिफिकेशन जारी किया। इसके बाद रिजल्ट आने पर कुछ अभ्यर्थियों के नंबर बढ़ गए जबकि कुछ के घट गए। इसकी वजह से कोर्ट में विवाद चल रहा है। 5 फरवरी 2021 को न्यायमूर्ति श्री उदय उमेश ललित के बैंच से फैसला सुनाया जाना था लेकिन अभी तक कोई फैसला नही आया है।



ट्रेनिंग प्राप्त कर चुके इन दरोगाओं ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है। आरोप है कि सरकार ने गंभीरता से पैरवी नहीं की है। इसकी वजह से मामला अभी तक लंबित है। अगर मामले की सही तरीके से पैरवी की गई होती तो मामला जल्द निपट जाता। 



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