योगी सरकार का एंबुलेंस हड़ताल पर सख्त रुख, कहा मरीज की मौत हुई तो दर्ज होगी FIR

उत्तर प्रदेश में 108 और 102 एंबुलेंस सेवा के कर्मियों और चालकों की हड़ताल का आज दूसरा दिन है। प्रदेश भर की करीब 4700 से अधिक एंबुलेंस खड़ी हो गई है।
     
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उत्तर प्रदेश में 108 और 102 एंबुलेंस सेवा के कर्मियों और चालकों की हड़ताल का आज दूसरा दिन है। प्रदेश भर की करीब 4700 से अधिक एंबुलेंस खड़ी हो गई है। हालांकि शासन की ओर से एस्मा लगाने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद भी हड़ताल जारी है।




प्रदेश में एंबुलेंस की एएलएस सेवा नई कंपनी जिगित्सा को सौंपी गई है। यह कंपनी नए सिरे से भर्ती कर रही है। इसे लेकर पहले से कार्यरत कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। कर्मचारियों को नयी कंपनी द्वारा छटनी का डर सत्ता रहा है। कर्मचारियों की मांग है कि ALS एंबुलेंस पर कार्यरत कर्मचारी ना हटाया जाये और अनुभवी कर्मचारियों को रखा जाये। एंबुलेंस कर्मचारी संघ ठेका प्रथा समाप्त किए जाने की मांग कर रहा है। कोरोना काल के दौरान मृतक कर्मचारियों के परिवार को बीमा राशि और सहायता राशि देने की मांग की है।  कई दौर की बातचीत के बाद भी समझौता नहीं होने पर एएलएस एंबुलेंस कर्मचारियों के समर्थन में 102 और 108 एंबुलेंस कर्मियों ने भी हड़ताल शुरू कर दी।






वही एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल पर योगी सरकार ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने एंबुलेंस कर्मियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हड़ताल की वजह से  मरीज की जान जाती है तो एंबुलेंस कर्मी और आउटसोर्सिंग कंपनी दोनों के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी। ड्राइवर और कर्मचारियों को जेल भेजा जायेगा।







वही योगी सरकार के इस फैसले पर सपा एमएलसी उदयवीर सिंह ने निशाना साधते हुए कहा कि एंबुलेंस डीजल और चालकों को वेतन देने से चलती है। FIR दर्ज कराने से किसी की जान वापस नहीं आएगी। आम लोगों की सुविधा सरकार की जिम्मेदारी है। एंबुलेंस कर्मियों की परेशानी को सरकार सुलझाए।




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