असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व शर्मा ने शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व शर्मा ने मीडिया से से कहा कि मिजोरम के सीएम जोरामथांगा ने इस मामले में उनसे माफी मांगी।
     
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असम-मिजोरम की सीमा पर हिंसा के बाद दोनों राज्यों में तनाव बढ़ गया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व शर्मा ने मीडिया से से कहा कि मिजोरम के सीएम जोरामथांगा ने इस मामले में उनसे माफी मांगी। हिमंता के अनुसार मिजोरम असम के रिजर्व फॉरेस्ट इलाके में कब्जा करने की कोशिश कर रहा है जिसे वह नहीं होने देंगे। साथ ही उन्होंने शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा की।


प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हिमंता बिस्व शर्मा ने कहा, जब दोनों राज्यों के पुलिसकर्मियो के बीच फायरिंग हो रही थी तब मैंने मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरामथांगा को कई बार कॉल किया। उन्होंने इस मामले में मुझसे माफी मांगी और बातचीत के लिए आइजोल बुलाया। उन्होंने कहा कि कोई भी हमारी जमीन का एक इंच नहीं ले सकता है। हम अपने क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बॉर्डर पर पुलिस तैनात है।


दो राज्यों का विवाद ना की राजनैतिक दलों का 

असम के मुख्यमंत्री ने कहा, 'यह राजनैतिक मुद्दा नहीं है। यह दो राज्यों के बीच सीमा विवाद है जो काफी लंबे समय से चला आ रहा है। इस तरह का विवाद तब भी हुआ है जब दोनों तरफ कांग्रेस की सरकार थी। यह दो राज्यों के बीच विवाद है न कि दो राजनैतिक दलों के बीच।


जंगल को लेकर है विवाद 

असम के मुख्यमंत्री  हिमंता बिस्व शर्मा ने हिंसा की वजह एक रिजर्व फॉरेस्ट को बताया है। उन्होंने कहा कि क्या रिजर्व फॉरेस्ट का इस्तेमाल आबादी के बसने के लिए किया जा सकता है? विवाद जमीन को लेकर नहीं है, रिजर्व फॉरेस्ट को लेकर है। असम रिजर्व फॉरेस्ट को संरक्षित करना चाहता है।

हिमंता ने आगे कहा, हम रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र में कोई आबादी नहीं बसाना चाहते। सैटलाइट इमेज की मदद से आप देखते हैं कि वहां कितना अतिक्रमण हुआ है। असम सरकार ने भी इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है।


शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद

मिजोरम के साथ सीमा हिंसा में मारे गए प्रत्येक पुलिस जवान के परिवार को असम सरकार 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद देगी। प्रत्येक घायल को एक लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा असम सरकार ने घायल एसपी को इलाज के लिए मुंबई भेजा है।


असम की ओर से ग्रेनेड फेंके गए : जोरामथांगा

वही मिजोरम के सीएम जोरामथांगा ने आरोप लगाया,'करीब असम 200 पुलिसकर्मी बॉर्डर पार करके आए और सीआरपीएफ पोस्ट को रौंद दिया। असम की तरफ से फायरिंग की शुरुआत हुई। उन्होंने ग्रेनेड फेंके और मशीन गन का इस्तेमाल किया।


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